मंगलवार, 2 नवंबर 2010

दिल का बोझ हटाना होगा ..........

दिल का बोझ हटाना होगा |

सब को गले लगाना होगा ||


तोड़ के रिश्ते देख लिया जो |

कीमत वही चुकाना होगा ||


किसने दी है दिल को दस्तक |

कोई जख्म पुराना होगा ||


आओ तोड़ें चाँद सितारे |

बच्चों को बहलाना होगा ||


हर कंधे पर उम्मीदें है |

करके कुछ दिखलाना होगा ||


बातें करना प्यार वफ़ा की |

गुजरा हुआ जमाना होगा ||

16 टिप्‍पणियां:

Tarkeshwar Giri ने कहा…

bahut hi accha likha hai apne

मनोज कुमार ने कहा…

छोटे बहर में लिखी बहुत अच्छी ग़ज़ल।
किसने दी है दिल को दस्तक |
कोई जख्म पुराना होगा ||

Sunil Kumar ने कहा…

किसने दी है दिल को दस्तक |
कोई जख्म पुराना होगा |
khubsurat gajal achhi lagi badhai

tarunraj ने कहा…

अत्यंत ही सुंदर रचना ।।
बधाई स्वीकारेँ....।।
दीपावली की शुभकामनाओँ सहित...


तरुणराज गोस्वामी ,,

रवि धवन ने कहा…

दिल का बोझ हटाना होगा |सब को गले लगाना होगा || पॉजिटिव सोच के साथ बढिय़ा पोस्ट।

Shekhar Suman ने कहा…

बहुत दिनों के बाद आपकी रचना पढने को मिली..और क्या दुरुस्त आये हैं आप..
बेहतरीन ग़ज़ल ....
कभी कभी....

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

आओ तोड़ें चाँद सितारे |

बच्चों को बहलाना होगा ||
बहुत सुन्दर. सचमुच बहुत दिनों के बाद दिखे हैं आप.

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

किसने दी है दिल को दस्तक |
कोई जख्म पुराना होगा ||

बहुत ही सुन्दर और बेहतरीन रचना ...

शिवम् मिश्रा ने कहा…


बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपको और आपके परिवार में सभी को दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ! !

आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

pushpendra bhai...aajkal aa nahi rahy ho hamare ghar aap...kya baat hai agar koi gustaakhi ho to maaf karna bhai...

khoobsurat prastuti...

happy diwali to you and your family.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

मक्ते के शेर के अलावा बाकी सभी शेर बहुत अच्छे हैं। यह मेरे पसंद की बात है, मैं गलत भी हो सकता हूँ।
...दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं...

BrijmohanShrivastava ने कहा…

आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ

singhsdm ने कहा…

वाह पिंटू बेटा........दिल जीत लिया....!!!!!!

इधर कम लिख रहे हो कारण तो नहीं पता मगर लिखते रहो...!

इन दो शेरोंकी जितनी तारीफ की जाये कम है..........


आओ तोड़ें चाँद सितारे |

बच्चों को बहलाना होगा ||

और


हर कंधे पर उम्मीदें है |

करके कुछ दिखलाना होगा ||

shekhar suman ने कहा…

मैंने अपना पुराना ब्लॉग खो दिया है..
कृपया मेरे नए ब्लॉग को फोलो करें... मेरा नया बसेरा.......

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत ही सुन्दर और बेहतरीन रचना ...

आशु ने कहा…

aapne chhote behar mai bahhut sundar likha aur bahut kuchh keh diya hai bhai mere..

bahut bahut mubarak ho

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