PSINGH "PUSHP"
शनिवार, 18 फरवरी 2012
ऊँचे ओहदे दुनियां पीछे.....
ऑंखें मीचे आँखे मीचे ||
पैसे में है सारी ताकत ||
कौन है ऊपर कौन है नीचे ||
फर्क अमीरी और गरीबी |
एक चांदनी एक गलीचे ||
फूटी कौड़ी पास नहीं है |
जीवन काटा मुटठी भीचे ||
अपनी किस्मत में है बंजर |
तुम्हे मुबारक बाग बगीचे ||
बुधवार, 8 फरवरी 2012
जब भी लोग बड़े होते है
जब भी लोग बड़े होते है |
ऊँचे उनके सर होते है ||
कितनी भी आवाज़ लगाओ |
शीशे के सब घर होते है ||
सच्चाई की कीमत है ये |
लोग जो अब बेघर होते है ||
खौफ जदा मंजर ही एसा |
जिन्दा होकर मरे हुए है ||
वो जो किसी के भर होते है ||
मंगलवार, 17 जनवरी 2012
चलो अंजुमन में.......
सूरज को तुमसे मुहब्बत है इतनी |
चले जाओगे जब तभी रात होगी ||
हँसते हो तो फूल खिलते चमन में
अगर है उदासी तो बरसात होगी ||
दुनियां ये कहकर हंसती है हम पर |
उदासी चमन की तेरे हाथ होगी ||
तुम जो ये नज़रें चुराते हो ऐसे |
दिल की हमारे शह और मात होगी ||
मंगलवार, 11 अक्तूबर 2011
जाने वो कौन सा देश .....जहाँ तुम चले गए |
शनिवार, 6 अगस्त 2011
दरवाजे दिल के.....
आइने खुद को दगा देते है |
हकीकत चहरो की बता देते है ||
जरा सा प्यार से पूछा किसी ने |
रास्ता अपने घर का बता देते है ||
जुल्म जब हद से गुजर जाता है |
अपने भी हाथ उठा देते है ||
शर्द मौसम में शाम ढलते ही |
दरवाजे दिल के लगा देते है ||
घर से निकले थे इबादत के लिए |
किसी रोते को हंसा देते है ||
चलो कुछ हट के कोई बात करें |
आग दुनियां को लगा देते है ||
मंगलवार, 26 जुलाई 2011
बुद्ध हँसते है मुस्कराते है.......
पैदा होने की सजा पाते है ||
जिन्दा रहते तो समझे नहीं |
घर में तस्वीर अब सजाते है ||
देश को जकड़ा है भ्रष्टाचार ने |
गीत दौलत के गुनगुनते है ||
बड़ी मजबूर धरती माँ हमारी |
संसद में बोलियाँ लगाते है ||
भूख से दम तोड़ता इन्सान है |
अनाज गोदाम में सड़ाते है ||
यही इस देश का दुर्भग्य है |
झुके कंधे देश चलाते है ||
शुक्रवार, 24 जून 2011
बीती बातें...................!
बीती बातें दिल से लगाना ठीक नहीं |
बात बात पर बात बनाना ठीक नहीं |प्यार मुहब्बत बातें अच्छी लगती है |
आँखों से दिल का रास्ता ठीक नहीं ||ये धरती शरशब्ज लगे तो अच्छा है |
खेतों में तलवारें बोना ठीक नहीं ||सरहद को देखा तो फिर अहसास हुआ |
आंगन में दीवारें होना ठीक नहीं ||खुद में इन्सां देखो कितना बदल गया |
कहते है सब लोग जमाना ठीक नहीं ||